स्रोतों के अनुसार, AI डेटा से सीखने के लिए मुख्य रूप से दो तकनीकों का उपयोग करता है: मशीन लर्निंग (Machine Learning - ML) और डीप लर्निंग (Deep Learning - DL)।
इन दोनों के बीच मुख्य अंतर और उनके काम करने के तरीके नीचे दिए गए हैं:
1. मशीन लर्निंग (Machine Learning - ML)
इसे एक रेसिपी (Recipe) किताब से खाना बनाना सीखने जैसा समझा जा सकता है।
- प्रक्रिया: इसमें कंप्यूटर डेटा (सामग्री) का उपयोग करता है और दिए गए चरणों या एल्गोरिदम (रेसिपी) का पालन करके परिणाम निकालता है।
- सीखना: आप जितनी अधिक रेसिपी का अभ्यास करेंगे, सुझाव देने या काम करने में उतने ही बेहतर होते जाएँगे।
- डेटा और समय: इसे डीप लर्निंग की तुलना में कम डेटा की आवश्यकता होती है और इसे सीखने में भी कम समय लगता है।
2. डीप लर्निंग (Deep Learning - DL)
यह एक अनुभवी शेफ (Expert Chef) की तरह है जो बिना किसी रेसिपी किताब के, केवल स्वाद चखकर और खुद अनुभव करके सीखता है।
- प्रक्रिया: कंप्यूटर बहुत सारे डेटा के भंडार में खुद पैटर्न (Patterns) खोजता है और बिना किसी स्पष्ट निर्देश के निर्णय लेने में सक्षम होता है।
- सीखना: इसका सीखने का तरीका इंसानों जैसा होता है।
- डेटा और समय: इसे सही ढंग से काम करने के लिए बहुत अधिक डेटा की ज़रूरत होती है और सीखने में भी काफी समय लगता है।
मुख्य अंतर और संबंध
- तकनीकी ढांचा: AI एक व्यापक क्षेत्र है; मशीन लर्निंग इसका एक हिस्सा है, और डीप लर्निंग मशीन लर्निंग का ही एक विकसित रूप है।
- उपयोग: ऐप्स अपनी ज़रूरत के अनुसार ML या DL, या दोनों का उपयोग कर सकते हैं।
- उदाहरण: फेसबुक आपकी फीड (feed) को व्यवस्थित करने के लिए मशीन लर्निंग का उपयोग करता है, जबकि तस्वीरों को पहचानने और 'टैग' करने के लिए डीप लर्निंग का उपयोग करता है।
संक्षेप में, एआई डेटा की मदद से सीखता है और उसके पास जितना अधिक डेटा या सुराग होंगे, वह उतने ही बेहतर निर्णय ले पाएगा।