फंडिंग (Funding) नए व्यवसायों और स्टार्ट-अप्स के लिए अत्यंत आवश्यक होती है, क्योंकि इससे वे अपने कार्य की शुरुआत और विस्तार दोनों कर सकते हैं। भारत सरकार इस उद्देश्य के लिए विभिन्न सहायता प्रदान करती है, जैसे ऋण, क्रेडिट योजनाएँ और इनक्यूबेशन सेंटर।
व्यवसाय फंडिंग के प्रमुख स्रोत
उद्यमी पूंजी प्राप्त करने के लिए कई विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं:
- सरकारी योजनाएँ और संस्थान: सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ऋण प्रदान करते हैं। विभिन्न स्तरों पर सहायता देने वाले संस्थान हैं जैसे जिला उद्योग केंद्र (DIC), लघु उद्योग सेवा संस्थान (SISI) और राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC)।
- इनक्यूबेशन सेंटर: अटल इनोवेशन मिशन के तहत अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AIC) और स्थापित इनक्यूबेशन सेंटर (EIC) स्थापित किए गए हैं, जो वित्त, प्रशिक्षण और नेटवर्किंग की सुविधा प्रदान करते हैं।
- निजी निवेशक: उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स वेंचर कैपिटल (बड़ी कंपनियों से) या एंजेल निवेशकों (व्यक्तिगत निवेशकों) से फंड प्राप्त कर सकते हैं।
- व्यक्तिगत नेटवर्क: मित्र, परिवार और सहकर्मी भी धन, संसाधन या टीम सहायता प्रदान कर सकते हैं।
PMMY मुद्रा ऋण योजना
व्यवसायियों के लिए सबसे सामान्य सरकारी ऋण मुद्रा ऋण (MUDRA Loan) है, जिसमें किसी प्रकार की गारंटी या गिरवी की आवश्यकता नहीं होती। यह ऋण निर्माताओं, कारीगरों, दुकानदारों और कृषि से जुड़े लोगों के लिए उपलब्ध है। यह तीन श्रेणियों में दिया जाता है:
- शिशु (SHISHU): ₹50,000 तक का ऋण, नए उद्यमियों के लिए।
- किशोर (KISHOR): ₹50,000 से ₹5 लाख तक का ऋण, पहले से चल रहे व्यवसायों के लिए।
- तरुण (TARUN): ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का ऋण, व्यवसाय विस्तार के लिए।
आवेदन की आवश्यकताएँ और प्रक्रिया
मुद्रा ऋण के लिए आवेदन करने हेतु आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होता है:
- बिज़नेस प्लान: बैंक में प्रस्तुत करने के लिए एक स्वयं तैयार किया गया व्यवसाय योजना बनाना आवश्यक है।
- दस्तावेज़: आवश्यक दस्तावेज़ों में KYC दस्तावेज़ (आधार, पैन, वोटर आईडी आदि), व्यवसाय का पता प्रमाण, स्थापना प्रमाण, कम से कम 12 महीनों के बैंक स्टेटमेंट और यदि लागू हो तो पिछले दो वर्षों के आयकर रिटर्न (ITR) शामिल हैं।
- आवेदन: किसी अधिकृत बैंक में जाकर आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज़ व पासपोर्ट साइज फोटो के साथ जमा करें।
- सत्यापन: दस्तावेज़ों के सत्यापन के बाद ऋण स्वीकृत होकर बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है।
पिच के माध्यम से फंड प्राप्त करना
निवेशकों या बैंकों से फंड प्राप्त करने के लिए उद्यमियों को अक्सर बिज़नेस पिच प्रस्तुत करनी होती है। यह एक प्रभावशाली 2 से 3 मिनट का प्रस्तुतीकरण होता है, जिसमें व्यवसाय का विचार, मांग का अनुमान, लागत और विशेषताएँ बताई जाती हैं। एक अच्छी पिच में समस्या, समाधान और मांगी गई राशि तथा उसके उपयोग को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करना चाहिए।