थिंकिंग स्किल्स I (Thinking Skills I) (पाठ 4.5) का उद्देश्य आपको नए तरीके से काम करने और पेशेवर चुनौतियों के समय सही निर्णय लेने में सक्षम बनाना है। इन कौशलों का विकास बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि 70% नियोक्ता मानते हैं कि थिंकिंग स्किल्स पेशेवर विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं।
1. काम करने के नए तरीके सोचना
कार्यस्थल पर हमेशा एक ही तरीका सबसे अच्छा नहीं होता। जब कोई तरीका सही से काम न करे, तो आपको खुले दिमाग से सोचकर नए समाधान खोजने चाहिए।
- उदाहरण: यदि कोई मशीन धीमी गति से पैकिंग कर रही है, तो नई मशीन खरीदने के बजाय आप पैकिंग का तरीका बदल सकते हैं, मशीन को ठीक कर सकते हैं या कार्यस्थल को व्यवस्थित कर सकते हैं।
- आइडिया बनाने के टिप्स:
- प्रश्न पूछें: हमेशा पूछें "हम इसे और कैसे कर सकते हैं?" या "क्या इसे अलग तरीके से किया जा सकता है?"।
- अपने विचार साझा करें: अपने विचार दूसरों के साथ साझा करें, चाहे वे पूरी तरह सही न हों। इससे उन्हें बेहतर बनाया जा सकता है।
2. कार्यस्थल पर निर्णय लेना
सही निर्णय लेने से आपके काम के परिणाम में बड़ा अंतर आ सकता है। इसके लिए दो मुख्य चरण हैं:
- चरण 1: निर्णय से पहले जानकारी देखें: सभी विकल्पों का विश्लेषण करें, जैसे सुरक्षा, मजबूती और लागत।
- चरण 2: सोचें, फिर निर्णय लें: सभी जानकारी एकत्र करने के बाद सोच-समझकर निर्णय लें।
पेशेवर निर्णय लेने के टिप्स
टीम में सही निर्णय लेने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें:
- दूसरों को सुनें: निर्णय लेने से पहले सभी के विचार सुनें।
- पहले सोचें, फिर बोलें: अपनी बात कहने से पहले सोच लें।
- प्रश्न पूछें: यदि कोई बात समझ में न आए, तो पूछने में संकोच न करें।