थिंकिंग स्किल्स II (Thinking Skills II) (पाठ 4.6) कार्यस्थल में संसाधनों से जुड़ी समस्याओं को हल करने और बेहतर निर्णय लेने के लिए "If-Then तकनीक" का उपयोग करने पर केंद्रित है।
1. संसाधन से जुड़ी समस्याओं का समाधान
कार्यस्थल पर समस्याएँ अक्सर आवश्यक संसाधनों की कमी के कारण होती हैं। इन समस्याओं को हल करने के लिए निम्नलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं:
- मानव संसाधन से जुड़ी समस्याएँ:
- पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं: समाधान के रूप में अतिरिक्त समय काम कराना, अन्य विभाग से सहायता लेना या कार्यों को छोटे भागों में बाँटना शामिल है।
- कर्मचारियों को काम नहीं आता: उन्हें प्रशिक्षण देना, नए कर्मचारियों को अनुभवी लोगों के साथ जोड़ना या मार्गदर्शन देना।
- भौतिक संसाधन से जुड़ी समस्याएँ:
- सामग्री की कमी: वैकल्पिक सामग्री का उपयोग करना या उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करना।
- मशीन की समस्या: नियमित जांच करना, मरम्मत के लिए व्यक्ति तैयार रखना और कर्मचारियों को बेसिक मेंटेनेंस सिखाना।
- जगह की कमी: सामान को व्यवस्थित करना, शेल्फ का उपयोग करना या कार्यों को घुमाकर करना।
- संचालन से जुड़ी समस्याएँ:
- संचार समस्या: टीम मीटिंग करना, स्पष्ट निर्देश देना और प्रश्न पूछने के लिए प्रोत्साहित करना।
समस्या समाधान के मुख्य सुझाव:
- समस्या को हल करने के लिए अलग-अलग तरीके सोचें।
- दूसरों से बात करके नए विचार प्राप्त करें।
- मदद मांगना सही है और कई बार आवश्यक भी होता है।
2. "If-Then" सोच का उपयोग
"If-Then" सोच एक ऐसी तकनीक है जिसमें आप किसी निर्णय के परिणाम पहले से सोचते हैं। यानी "यदि (If)" हम ऐसा करें, तो "तो (Then)" क्या होगा।
उदाहरण:
- कर्मचारियों को सिखाना: "यदि मैं अधिक कर्मचारियों को सिखाता हूँ, तो काम तेजी से होगा। लेकिन यदि कम लोगों को सिखाऊँ, तो काम धीमा होगा, लेकिन वे बेहतर सीखेंगे।"
- मशीन का उपयोग: "यदि हम मशीन का अधिक उपयोग करेंगे, तो वह जल्दी खराब हो सकती है। यदि कम उपयोग करेंगे, तो वह अधिक समय तक चलेगी, लेकिन काम धीमा होगा।"
निर्णय लेने के सुझाव:
- हमेशा पहले संभावित परिणामों के बारे में सोचें।
- दोस्तों या सहकर्मियों के साथ "If-Then" स्थिति पर चर्चा करें।
- जल्दीबाजी में निर्णय लेने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लें।
क्या आप जानते हैं? समस्या समाधान के दौरान हमारा मस्तिष्क लगभग 20% ऊर्जा का उपयोग करता है।